बड़ी मेहनत के बाद मैंने सरकारी नोकरी पायी है ,
नोकरी में आया तो जाना , यहाँ एक तरफ कुआँ है तो दूसरी तरफ़ खाई है ॥
जहा कदम कदम पर जिल्लत और घडी-घडी पर ताने है ,
यहाँ पर मुझे अपनी ज़िन्दगी के कई साल बिताने है ।
अपनी गलती ना हो लेकिन क्षमा याचना हेतु हाथ फैलाने है ,
फिर भी बात-बात पर चार्जशीट और punishment ही पाने है ॥
जानता हू ये अग्निपथ है फिर भी मैं चलने वाला हूँ ,
क्योकि मैं सरकारी नोकरी वाला हूँ ॥
जहाँ एक तरफ मुझे प्रशासन की , और दूसरी तरफ पब्लिक की भी सुननी है ,
यानी मुझे दो में से एक नहीं ,बल्कि दोनों राह चुननी है ॥
ड्यूटी पर लेट हुयी तो अधिकारी और पब्लिक चिलाते है ,
गलती चाहे किसी की भी हो सजा तो हम ही पाते है ॥
दो नावो पर सवार हूँ फिर भी सफर पूरा करने वाला हूँ ,
क्योंकि में सरकारी नोकरी वाला हूँ ॥
आसान नहीं है सबको एक साथ खुश रख पाना,
परिवार के साथ वक्त बिताना, और Office में जॉब बचाना ॥
परिवार के साथ बमुश्किल कुछ वक्त बिता पाता हूँ ,
घर जैसे कोई
मुसाफिर खाना हो , वहा तो सिर्फ आता और जाता हूँ ॥
फिर भी हर मोड़ पर में अपनी जिम्मेदारी पूरी करने वाला हूँ ,
क्योंकि मै सरकारी नोकरी वाला हूँ ॥
प्रमोसन इन्क्रीमेंट की बात पर , हमें सालो लटकाया जाता है,
हक़ की बात करने पर ठेंगे दिखलाया जाता है ॥
ये एक लड़ाई है , इसमें सब को साथ लेकर चलने वाला हूँ ,
क्योंकि मै सरकारी नोकरी वाला हूँ ॥
देश समाज में सरकारी नोकरो के आरामपरस्त होने का बड़ा बवाल है ,
छुटी मिली ना घर जा सके, Duty में ही दीवाली-ईद-क्रिश्मस मनाने का अजब कमाल है ॥
टिफिन से टिफिन जब मिलते है, तो एक नया जायका बन जाता है ,
खुद के बनाये खाने में ,और घर के खाने में फर्क साफ़ नजर आता है ॥
मज़बूरी ने इतना कुछ सिखाया ,आगे भी बहुत कुछ सीखने वाला हूं ,
क्योंकि मै सरकारी नोकरी वाला हूँ ॥
लोग समझते है बड़ा मज़ा करते है , सरकारी नोकरी में ,
अब उहे कौन समझाए कि सरकारी कर्मी के लिया सरकार के पास सिर्फ वादे है,
पब्लिक चाहे मनमानी करे, स्टाफ के लिये बड़े सख्त कायदे है ॥
सबको मै बदल नहीं सकता, इसलिये आब खुद को बदलने वाला हूँ ,
क्योंकि मै सरकारी नोकरी करने वाला हूँ ॥